Backlinks in SEO - Backlink Kya Hai aur Quality Backlink Kaise banaye in Hindi

SEO के लिए बैकलिंक कितना जरूरी है यह आप समझ सकते हो. इसके मदद से एक नई वेबसाइट भी Google SERP में रैंक कर सकता है. गूगल हिंदी भाषा को बढ़ावा देने के लिए कई सेमिनार कर चुकी है और इस सेमिनार में जब कोई ब्लॉगर बैकलिंक के बारें में सवाल पूछता है तो गूगल टीम का कहना है Google Algorithm बैकलिंक नहीं चेक करती है. यहाँ कंटेंट के अनुसार ही रैंकिंग दिया जाता है. लेकिन, ऐसा नहीं है जहाँ तक मैं समझता हूँ, गूगल आज भी बैकलिंक देखता है और यदि बैकलिंक नहीं देखता तो लोग PBN के पीछे नहीं भागते।


यदि किसी नई वेबसाइट का बैकलिंक High DA PA Site से होता है तो यह जल्दी रैंक कर जाता है. यदि आप इस ब्लॉग के रेगुलर विजिटर हैं तो पता होगा Backlink Kya Hai और Backlink Kaise Banaye. लेकिन, नए लोगों को शायद नहीं पता हो यदि आप ब्लॉगर हो तो भी आपको इसके बारें में पता होगा। वैसे आज के पोस्ट में विस्तार से बात करने वाले हैं बैकलिंक क्या है कितने तरह का होता है और कैसे बनायें?

बैकलिंक क्या है What is Backlink?
Backlink को सही से समझने के लिए कई बेसिक टर्म को समझना होगा। SEO अपने आप में बहुत बड़ा क्षेत्र है यहाँ कई प्रोसेस किया जाता है जिसमें से एक बैकलिंक है. SEO में बैकलिंक बनाने का तरीका बदल चुका है. पहले डायरेक्टरी सबमिशन और बुकमार्किंग का फर्क होता था लेकिन, अब ऐसा नहीं है. आज के समय में बैकलिंक बहुत अलग तरीका से बनाया जाता है. इन सब से पहले हम जानेंगें Basic Terms used for Backlink

Type Google and Search 


Internal Link
यह भी बैकलिंक की तरह काम करता है लेकिन, यूजर यहाँ एक ही वेबसाइट के अलग अलग पेज पर घूमता रहता है. यदि किसी ब्लॉग पोस्ट पर अच्छा ट्रैफिक है तो यहाँ रिलेटेड पोस्ट का लिंक लगा सकते हो इससे दूसरे ब्लॉग पोस्ट पर भी ट्रैफिक आएगा। इंटरनल लिंक से ब्लॉग / वेबसाइट का बाउंस रेट भी कम होता है.
Link Juice
Link Juice का फायदा Do Follow Backlink मिलने पर होता है. यहाँ लिंक जूस का मतलब एक वेबसाइट से दूसरे वेबसाइट का कनेक्शन है. जब यह लिंक Do Follow होता है तो Search Engine Boat इस लिंक की मदद से दूसरे वेबसाइट तक आता है और उसे भी क्रॉल करता है. इससे Domain Authority Improve होता है.
High Quality Link
इसे समझना बहुत जरूरी है. किस तरह का लिंक हाई क्वालिटी लिंक होता है? High Quality Backlink, High DA PA और Quality Website से मिलता है. लेकिन अब इसका तरीका बदल गया है. यह लिंक रिलेटेड वेबसाइट से है तो ज्यादा काम करेगा। अब गूगल सर्च इंजन Micro Niche Site को जल्दी रैंक दे रही है. क्यूंकि यूजर हमेशा The Best की तलाश में रहता है. ऐसे में साइट को SERP में रैंक कराने के लिए उसी वेबसाइट से बैकलिंक चाहिए जहाँ रिलेटेड पोस्ट पोस्ट हो और उसका रैंकिंग अच्छा हो.
Low Quality Link
कई बार बैकलिंक बनाते समय ब्लॉगर यह गलती कर देते हैं जहाँ से बैकलिंक नहीं लेना चाहिए वहां से बैकलिंक खरीद लेते हैं. इंटरनेट पर कई ऐसी वेबसाइट है जो बैकलिंक बेच रही है. ऐसी वेबसाइट से बैकलिंक कभी नहीं खरीदना चाहिए। कई बार ऐसा देखा गया है कुछ लोग आपकी वेबसाइट को किसी पोर्न वेबसाइट के साथ जोड़ देते हैं. उनका मकसद आपका रैंकिंग ख़राब करना है अब उनकी वेबसाइट टॉप में रैंक नहीं कर रही है तो वो आपकी वेबसाइट को किसी Low Quality Backlink से जोड़ कर आपका रैंकिंग ख़राब करना चाहते हैं जिससे उनका साइट रैंक हो सके.

बैकलिंक कितने तरह का होता है Types of Backlink
बैकलिंक दो तरह का होता है – DoFollow Backlink और NoFollow Backlink दोनों का काम अलग है.
Do Follow Backlink
Dofollow Backlink, Link Juice पास करता है जिससे सर्च इंजन बोट बैकलिंक में दिए गए लिंक को भी क्रॉल करता है. सर्च इंजन रैंकिंग सही करने के लिए Do Follow Backlink जरूरी है. जब कभी Anchor Text की मदद से कोई बैकलिंक बनाया जाता है तो यह Do Follow Link होता है. इसमें कोई attribute नहीं लगा होता है.

<a href="your website url">Link Text</a>



No Follow Backlink
इससे Link Juice पास नहीं होता है. इस तरह के लिंक से Referral Traffic मिल सकता है लेकिन, Organic Traffic नहीं मिलता है. इससे SEO में कोई फर्क नहीं पड़ता है. इसमें nofollow attribute लगा होता है. यदि आप भी किसी को बैकलिंक दे रहे हो और साइट पर रिलेटेड कंटेंट है तो dofollow बैकलिंक दे सकते हैं. लेकिन, यदि रिलेटेड कंटेंट नहीं है तो nofollow backlink देना चाहिए।

<a href="your website urlrel="nofollow">Link Text</a>


Backlink Kaise Banaye?
बैकलिंक बनाने से पहले सुनिश्चित कर लें जिस किसी वेबसाइट से बैकलिंक ले रहे हो उसका SEO और Spam Score क्या है. नया ब्लॉग बनाते ही उसके लिए बैकलिंक बनाने के लिए कई बार low quality backlink बना लेते हैं या खरीद लेते हैं. इससे फायदा तो कुछ होगा नहीं बल्कि, नुकसान हो जायेगा। ऐसे नुकसान से बचने के लिए बैकलिंक बनाने से पहले यह चेक करें इस वेबसाइट से बैकलिंक लेने में आपको फायदा है या नहीं? किसी ब्लॉग के लिए हम जितना चाहे उतना बैकलिंक बना सकते हैं. लेकिन, फालतू बैकलिंक से अच्छा है काम की वेबसाइट से कुछ ही बैकलिंक मिले। बैकलिंक कैसे बनायें तो इसके लिए कुछ आसान प्रक्रिया है जिससे बैकलिंक बना सकते हो.
Blog Comment
ब्लॉग पोस्ट पब्लिश करने के बाद सम्बंधित  गूगल सर्च करो और यहाँ कमेंट करो इससे ब्लॉग का Awareness बढ़ता है. इस लिंक से कोई खास फायदा नहीं होता है क्यूंकि यह Nofollow backlink होता है. लेकिन, यह रिलेटेड लिंक है और यूजर ब्लॉग कमेंट भी पढ़ता है.


Quality Content
कोई यूजर किसी वेबसाइट क्यूँ विजिट करता है? यूजर और सर्च इंजन दोनों ही High Quality और Detail Content चाहता है. ऐसा कंटेंट जिसमें यूजर के प्रॉब्लम का समाधान हो. यदि यूजर का समस्या ख़त्म नहीं होता तो वह आपकी वेबसाइट पर दुबारा नहीं आएगा। ब्लॉग्गिंग में कंटेंट ही सब कुछ है. High Quality Content के बिना SEO भी कुछ नहीं कर सकता है.
Guest Post

सभी बड़ा ब्लॉग गेस्ट पोस्ट ऑफर करता है. लोग बहुत तेजी से गेस्ट पोस्ट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं. लेकिन, यहाँ से मिलने वाला बैकलिंक कुछ ही दिनों तक do follow रहता है कुछ दिन बाद इसे nofollow कर देते हैं. कई बार तो ऐसा देखा गया है author Name हटाकर यहाँ गेस्ट पोस्ट लिख देते हैं. दूसरे ब्लॉगर भी unrelated Topic पर dofollow backlink नहीं देना चाहते हैं. यदि गेस्ट पोस्ट करना चाहते हैं तो अपने केटेगरी के ब्लॉग पर ही गेस्ट पोस्ट कीजिये।

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